कबीर के दोहे | Kabir ke Dohe (Wisdom/बुद्धि)

जिनमे जितनी बुद्धि है, तितनो देत बताय
वाको बुरा ना मानिये, और कहां से लाय।
जिसे जितना ज्ञान एंव बुद्धि है उतना वह बता देते हैं। तुम्हें उनका बुरा नहीं मानना चाहिये।
उससे अधिक वे कहाॅं से लावें। यहाॅं संतो के ज्ञान प्राप्ति के संबंध कहा गया है।
jinme jitni budhi hai,titno det batai
Wake bura na maniye,aur kahan se lai.
One can tell only as much as he knows
Don’t mind ill of him,what more can he tell.
कोई निन्दोई कोई बंदोई सिंघी स्वान रु स्यार
हरख विशाद ना केहरि,कुंजर गज्जन हार।
किसी की निन्दा एंव प्रशंसा से ज्ञानी व्यक्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
सियार या कुत्तों के भौंकने से सिंह पर कोई असर नहीं होता कारण वह तो हाथी को भी मार सकता है।

Koi nindoe koi bandoe singhi swan ru syar
Harakh vishad na kehari, kunjar gajjan har.
If one curses or praises, wise men have neither pleasure nor pain.
The barking of a jackal or dog does not affect the lion as it can kill the
elephant too.
दुखिया मुआ दुख करि सुखिया सुख को झूर
दास आनंदित राम का दुख सुख डारा दूर।
दुखी प्राणी दुख मे मरता रहता है एंव सुखी व्यक्ति अपने सुख में जलता रहता है
पर ईश्वर भक्त हमेशा दुख-सुख त्याग कर आनन्द में रहता है।
Dukhiya muaa dukh kari sukhiya sukh ko jhur
Das aanandit Ram ka,dukh sukh dara door.
Afflicted dies in pain delighted dies in pleasure
The slave of Ram remains happy by leaving pleasure and pain far away.
पाया कहे तो बाबरे,खोया कहे तो कूर
पाया खोया कुछ नहीं,ज्यों का त्यों भरपूर।
जो व्यक्ति कहता है कि उसने पा लिया वह अज्ञानी है और जो कहता है
कि उसने खो दिया वह मूढ़ और अविवेकी है ईश्वर तत्व में पाना और खोना नहीं है
कारण वह सर्वदा सभी चीजों में पूर्णत्व के साथ उपस्थित है।
Paya kahai te babre, khoya kahai te koor
Paya khoya kachhu nahi, jyo ka tyo bharpoor.
Who says I have found is ignorant
One who says I have lost is irrational
In realisation there is nothing like found or lost
God is present abundantly in everything.
हिंदु कहुॅं तो मैं नहीं मुसलमान भी नाहि
पंच तत्व का पूतला गैबी खेले माहि।
मैं न तो हिन्दु हूॅ अथवा नहीं मुसलमान। इस पाॅंच तत्व के शरीर में बसने वाली
आत्मा न तो हिन्दुहै और न हीं मुसलमान।
Hindu kahu to main nahi musalman bhi nahi
Panch tatwa ka putla gaibi khele mahi
I am neither a hindu nor a muslim
The soul inside the body of five elements is neither hindu nor muslim.

हिन्दू तो तीरथ चले मक्का मुसलमान
दास कबीर दोउ छोरि के हक्का करि रहि जान।
हिन्दू तीर्थ करने जाते हैं।मुसलमान मक्का जाते हैं।
कबीर दास दोनो छोड़कर परमात्माके निवास आत्मा में बसते हैं।
Hindu to tirath chale mecca musalman
Das Kabir dwai chhorike ,hakka kari rah jaan
Hindu goes on pilgrimage muslim goes to mecca
Kabir leaving both aside resides in soul ,the abode of God.
अति का भला ना बोलना,अति की भली ना चूप
अति का भला ना बरसना, अति की भली ना धूप।
अधिक बोलना अथवा अधिक चुप रहना अच्छा नहीं होता
जैसे की अधिक बरसना या अधिक धूप रहना अच्छा नहीं होता।
Aati ka bhala na bolna,aati ki bhali na chup
Aati ka bhala na barasna, aati ki bhali na dhoop.

Excess of speaking is not good nor excess of keeping mum
Excessive raining is not good nor excess of sunshine.
आबत सब जग देखिया, जात ना देखी कोई
आबत जात लखई सोई जाको गुरुमत होई।
बालक के जन्म को सब देखते हैं पर किसी की मृत्यु के बाद उसकी क्या दशा हुई-कोई नहीं जानता।
आने-जाने के इस रहस्य को वही समझ पाता है जिसनेे गुरु से आत्म तत्व कर ज्ञान प्राप्त किया हो।
Aabat sab jag dekhiya, jat na dekhe koye
Aabat jat lakhai soyee jako gurumat hoye
Everyone see a child taking birth, no one sees leaving him dead
One can see coming and going who has received knowledge from spiritual guide
हिन्दू तुरक के बीच में मेरा नाम कबीर
जीव मुक्तवन कारने अबिकत धरा सरीर।
हिन्दू और मुस्लिम के बीच मेरा नाम कबीर है। मैंने अज्ञानी लोगों को अधर्म और
पाप से मुक्त करने हेतु शरीर धारन किया है।
Hindu turak ke beech main mera nam Kabir
Jiva muktavan karne abikat dhara sarir
I am kabir in the midst of Hindu and Muslim
I have taken this body form for salvation of ignorant vice and unrighteous men.

मांगन मरन समान है तोहि दयी मैं सीख
कहे कबीर समुझाइ के मति मांगे कोइ भीख।
कबीर शिक्षा देते हैं कि माॅंगना मृत्यु के समान है। कबीर समझाकर कहते है की कोई भी व्यक्ति
भीख नहीं माॅंगे। यहाॅं कबीर कर्मशील बनने की शिक्षा देते है।
Mangan maran saman hai tohi dayee main seekh
Kahe Kabir samujhay ke mati mange koi bheekh
Demanding alm is like death this is Kabir’s teaching
Keep this advice always in mind , one should never ask alm.

तन का बैरी काइे नहीं जो मन सीतल होय
तु आपा केा डारि दे दया करे सब कोय।
यदि आप अपने मन को शांत एंव शीतल रखंे तो कोई भी आपका दुश्मन नहीं होगा
यदि आप अपनी प्रतिष्ठा एंव घमंड को दूर रखें तो सारा संसार आपको प्रेम करेगा।
Tan ka bairi koi nahi jo man sital hoye
Tu aapa ko dari de daya kare sab koye
If your mind is calm and cool , no one is your enemy
If you keep your prestige and pride away , the whole world will love you.
तरुबर पात सो युॅं कहे सुनो पात एक बात
या घर यही रीति है एक आबत एक जात।
वृक्ष पत्तों से एक बात सुनने का आग्रह करता है की यहाॅं संसार में एक आने और जाने का रिवाज है।
जीवन एंव मृत्यु का यह चक्र अविरल चलता रहता है।
Tarubar pat so youn kahe suno pat ek bat
Ya ghar yahi ritee hai ek aabat ek jat
The tree says to the leaves to listen to his one advice
This is the practice of this house one comes and one goes.
कबीर गर्व ना कीजिये उंचा देखि आवास
काल परौ भंुयी लेटना उपर जमसी घास।
कबीर अपने उॅंचें गृह आवास को देखकर घमंड नहीं करने की सलाह देते हैं।
संभव है कल्ह तुम्हें जमीन पर लेटना होगा जिस पर घास उगेंगेे।
Kabir garb na kijiye uncha dekhi aawas
Kal paron bhyi letna upar jamsi ghas.
Kabir says not to become proud after seeing his high residence
Tomorrow you may have to lie down on land upon which grass may grow
चिउटी चावल ले चली बीच मे मिलि गयी दाल
कहे कबीर दौउ ना मिलै एक लै दूजी दाल।
चींटी चावल का दाना लेकर चली तो बीच में उसे दाल मिला पर वह दोनों नहीं पा सकती है।
उसे एक छोड़ना पड़ेगा। प्रभु भक्तिके लिये उसे संसारिक माया-मोह छोड़ना होगा।
Chiuti chawal le chali bitch mein mili gayi dal
Kahain Kabir doe na milay ek le dooji dal
The ant carrying a grain of rice got a pulse on the way
Kabir says the ant cannot get both, it will have to leave one away.

तन का बैरी कोई नहीं जो मन सीतल होये
तु आपा को डारी दे, दया करै सब कोई।
यदि तुम्हारा मन शांत,निर्मल एंव पवित्र है तो तुम्हारा कोई शत्रु नही है।
यदि तुमने अपने मान-समान-अभिमान का परित्याग कर दिया है तो सारा संसार तुमसे प्रेम करेगा।

Tan ka bairi koyee nahi jo man shital hoye
Tu aapa ko dari de , daya karai sab koye.
There is no enemy to your body if your mind is simple and cool
If you leave your pride, all will love you.

पाहन ही का देहरा पाहन ही का देव
पूजनहारा आंधरा क्यों करि माने सेव।
पथ्थर के बने मंदिर में भगवान भी पथ्थर के हीं हैं।
पूजारी अंधे की तरह विवेकहीन है तो ईश्वर उसकी पूजा से कैसे प्रसन्न होंगे।

Pahan hee ka dehra pahan hi ka dev
Pujanhara aandhra kyon kari mane sev.
Temple is stone God is also stone
The worshipper is blind how can the God be pleased.
मन चलता तन भी चले, ताते मन को घेर
तन मन दोई बसि करै, राई होये सुमेर।
शरीर मन के अनुसार क्रियाशील है। अतः पहले मन पर नियंत्रन करें
जो व्यक्ति अपने मन और शरीर दोंनो का नियंत्रन कर लेता है
वह शीघ्र ही एक अन्न के दाने से सुमेरु पर्वत के समान वैभवशील हो सकता है।
Man chalta tan bhi chale, tate man ko gher
Tan man doyee basi karai, rayee hoye sumer.
The body is working because of mind therefore control the mind
one who has controlled body and mind both, a grain can become the hill.
मन के हारे हार है मन के जीते जीत
कहे कबीर गुरु पाइये,मन ही के परतीत।
यदि मन से उत्साह पूर्वक जीत अनुभव करते हैं तो अवश्य आप की जीत होगी।
यदि आप हृदय से गुरु की खोज करेंगे तो निश्चय हीं आपको सदगुरु मिलकर रहेंगे।
Man ke hare har hai man ke jeete jeet
Kahe Kabir guru payeeye, man hi ke parteet
The defeated mind leads to defeat, the winner mind will win
The sincere feeling of getting the teacher will surely lead to getting a real teacher.
जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर
सहजय हीरा नीपजय, जो मन आबै ठौर।
समुद्र मे जिस तरह असंख्य लहरें उठती है उसी प्रकार मन विचारों कर अनगिनत तरंगे आती-जाती है।
यदि अपने मन को सहज, सरल और शांत कर लिया जाये तो सत्य का ज्ञान संभव है।
Jeti lahar samudra ki, teti man ki daur
Sahjay heera nipjay, jo man aabai thaur.
The sea has innumerable waves,so also the thoughtwaves in the mind
The valuable real knowledge is achieved if the mind becomes normal
चिउटी चावल ले चली बीच मे मिलि गयी दाल
कहे कबीर दौउ ना मिलै एक लै दूजी दाल।
चींटी चावल का दाना लेकर चली तो बीच में उसे दाल मिला पर वह दोनों नहीं पा सकती है।
उसे एक छोड़ना पड़ेगा। प्रभु भक्तिके लिये उसे संसारिक माया-मोह छोड़ना होगा।
Chiuti chawal le chali bitch mein mili gayi dal
Kahain Kabir doe na milay ek le dooji dal
The ant carrying a grain of rice got a pulse on the way
Kabir says the ant cannot get both, it will have to leave one away
तन का बैरी कोई नहीं जो मन सीतल होये
तु आपा को डारी दे, दया करै सब कोई।
यदि तुम्हारा मन शांत,निर्मल एंव पवित्र है तो तुम्हारा कोई शत्रु नही है।
यदि तुमने अपने मान-समान-अभिमान का परित्याग कर दिया है तो सारा संसार तुमसे प्रेम करेगा।
Tan ka bairi koyee nahi jo man shital hoye
Tu aapa ko dari de , daya karai sab koye.
There is no enemy to your body if your mind is simple and cool
If you leave your pride, all will love you.

पाहन ही का देहरा पाहन ही का देव
पूजनहारा आंधरा क्यों करि माने सेव।
पथ्थर के बने मंदिर में भगवान भी पथ्थर के हीं हैं।
पूजारी अंधे की तरह विवेकहीन है तो ईश्वर उसकी पूजा से कैसे प्रसन्न होंगे।

Pahan hee ka dehra pahan hi ka dev
Pujanhara aandhra kyon kari mane sev.
Temple is stone God is also stone
The worshipper is blind how can the God be pleased.
मन चलता तन भी चले, ताते मन को घेर
तन मन दोई बसि करै, राई होये सुमेर।
शरीर मन के अनुसार क्रियाशील है। अतः पहले मन पर नियंत्रन करें
जो व्यक्ति अपने मन और शरीर दोंनो का नियंत्रन कर लेता है
वह शीघ्र ही एक अन्न के दाने से सुमेरु पर्वत के समान वैभवशील हो सकता है।
Man chalta tan bhi chale, tate man ko gher
Tan man doyee basi karai, rayee hoye sumer.
The body is working because of mind therefore control the mind
one who has controlled body and mind both, a grain can become the hill.
मन के हारे हार है मन के जीते जीत
कहे कबीर गुरु पाइये,मन ही के परतीत।
यदि मन से उत्साह पूर्वक जीत अनुभव करते हैं तो अवश्य आप की जीत होगी।
यदि आप हृदय से गुरु की खोज करेंगे तो निश्चय हीं आपको सदगुरु मिलकर रहेंगे।
Man ke hare har hai man ke jeete jeet
Kahe Kabir guru payeeye, man hi ke parteet
The defeated mind leads to defeat, the winner mind will win
The sincere feeling of getting the teacher will surely lead to getting a real teacher.
जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर
सहजय हीरा नीपजय, जो मन आबै ठौर।
समुद्र मे जिस तरह असंख्य लहरें उठती है उसी प्रकार मन विचारों कर अनगिनत तरंगे आती-जाती है।
यदि अपने मन को सहज, सरल और शांत कर लिया जाये तो सत्य का ज्ञान संभव है।
Jeti lahar samudra ki, teti man ki daur
Sahjay heera nipjay, jo man aabai thaur.
The sea has innumerable waves,so also the thoughtwaves in the mind
The valuable real knowledge is achieved if the mind becomes normal
कागद केरी नाव री, पानी केरी गंग
कहे कबीर कैसे तिरे, पाॅंच कुसंगी संग।
यह शरीर कागज की तरह नाशवान है जो संसार रुपी नदी के इच्छााओं-वासनावओं में डूबा हुआ है।
जब तक अपने पाॅंचों ज्ञानेद्रियों का नियंत्रन नहीं कर लिया जाता है तब तक संसार से मुक्ति नहीं हो सकती।
Kagad keri nawri, pani keri gang
Kahe Kabir kaise tire , panch kusangi sang.
The boat is made of paper got drowned in the river
Kabir says how can it come out with the load of five sense organs.
चिंता चित्त बिसारिये, फिर बुझिये नहीं आन
इंद्री पसारा मेटिये सहज मिले भगवान।
समस्त चिंताओं को अपने मन से निकाल दें। इसके सबंध मे कभी न सोचें।
अपने समस्त बिषय-विकारों का नियंत्रन करें तो ईश्वर की प्राप्ति सुगमता से हो सकती है।
Chinta chitt bisariye, fir bujhiye nahi aan
Indri pasara metiye sahaj miley bhagwan.
Shrug off your suffering from reasoning never think it again
Control your sense organs, you will get the God again.
जीना थोड़ा ही भला, हरि का सुमरन होई
लाख बरस का जीवना, लिखै धरै ना कोई।
एक संक्षिप्त जीवन जिसमें प्रभु का स्मरण किया जाये-अच्छा है परंतु लाखों वर्षों का
जीवन भी वेकार है क्योंकि उसका हिसाब किताब कौन कैसे रख सकते है।
Jeena thora hi bhala,Hari ka sumiran hoye
Lakh baras ka jiwana,leekhai dharay na koye.
A short life with the remembrance of God is good
A life of lacs of years is worthless as none can keep its account.