कबीर के दोहे | Kabir ke Dohe (Examiner/पारखी)

कबीर खारहि छारि के, कंकर चुनि चुनि खाय रतन गावये रेत मैं, फिर पाछै पछताय।
कबीर कहते है कि मीठी चीनी छोड़ कर कंकड़-पथ्थर चुन-चुन खा रहे हैं। इस शरीर रुपी रत्न को बालू में वर्वाद कर अब पश्चाताप करने से क्या लाभ है।
Kabir kharahi chhari ke ,kankar chuni chuni khaye Ratan gawaya ret mein ,fir pachhai pachhitai .
Kabir says you have left aside sugar and are picking and eating pebbles The jewel has been lost in the sand there is no good repenting now.
कबीर चुनता कन फिरा, हीरा पाया बाट ताको मरम ना जानिय, ले खलि खाई हाट।
कबीर चावल का दाना चुनते चल रहे हैं और उन्हें रास्ते में हीरा मिल गया। किंतु उसका महत्व नहीं जानने के कारण वे बाजार में चूना लेकर खा रहे है। सत्संग के बिना ज्ञान नहीं हैं
Kabira chunta kan fira ,hira paya bat Tako maram na janiya , le khali khai hat .
Kabir says, While roaming and picking up grains of rice you got a diamond on the way Not knowing its value, you eat it as a grain of limestone from the market .

काया माहि कबीर है, ज्यों पहुपम मे बास कई जाने कोई जौहरी, कई जाने कोई दास।
कबीर के अनुसार इसी शरीर में प्रभु का वास है जैसे फूल में सुगंध का बास है। इस तथ्य को कोई पारखी या जौहरी जानता है अथवा कोई प्रभु का भक्त या दास।
Kaya mahi Kabir hai ,jyon pahupan me bas Kai jane koi johari ,kai jane koi das.
There is God inside the body of Kabir as there is fragrance in flower Only a jeweler knows it or a devotee or a servant knows it .
कबीर ये जग आंधरा, जैसे अंधी गाय बछरा था सो मरि गया, वो भी चाम चटाय।
कबीर के मुताविक यह संसार अंधा-अविवेकी है जैसे कि एक अंधी गाय। उसका वछड़ा मर चुका है पर उसे हीं बार-बार चाट रहा है। आदमी भी नश्वर शरीर में मन लगाता है।
Kabir ye jag aandhra,jaisi aandhi gaya Bachhra tha so mari gaya ,wu bhi cham chatay .
Kabir says this world is blind as the blind cow The calf has gone dead but it is still licking its leather.
कबीर देखि परखि ले, परखि के मुख खोल साधु असाधु जानि ले, सुनि मुख का बोल।
कबीर कहते हैं कि देख-समझ कर हीं अपना मुॅंह खोलना चाहिये कुछ बोलना चाहिये। व्यक्ति के साधु या असाधु की जाॅंच उस के वचन सुन कर हीं की जा सकती है।
Kabir dekhi parakhi le , parakhi ke muh khol Sadhu asadhu jani le ,suni suni mukh ka bol .
Kabir says you see and test and then only you open your mouth You first know a saint or otherwise by continuously hearing his speech.
जब गुण को गाहक मिलय, तब गुण लाख बिकाय जब गुण को गाहक नहीं, कौरी बदले जाय।
गुणी का ग्राहक मिलने पर वह लाखों में विकता है। पर गुणी का ग्राहक खरीदार नहीं मिलने पर वह कौड़ी के भाव लिया जाता है।
Jab gun ko gahak milay ,tab gun lakh bikay Jab gun ko gahak nahi , kauri badle jay .
When you get a buyer of merit , then the merit is sold in lacs When there is no buyer of merit ,it is exchanged in small shells .
नैना सोई जानिये जाके हिय विवेक नैन खोंट तब जानिये, साहब को नहि देख।
उसी के आॅंख को सही मानिये जिसके हृदय में विवेक है। उसके आॅंखों में कोई खरावी मानिये जो ईश्वर को नहीं देख पाता है।
Naina soi janiye jake hiye vivek Nain khont tab janiye , Sahab ko nahi dekh .
You know the eyes are pure, in whose heart is rationality You know the eye is defective, which does not see the God.
नाम हीरा धन पाइये औ हीरा धन मोल चुनि चुनि बांधो गांठरी पल पल देखो खोल।
प्रभु के राम रुपी धन को हीरा अनमोल है। अन्य हीरा धन का मूल्य है। प्रभु का हीरा चुन-चुन कर गठरी बाॅंधों और क्षण-क्षण उसका दर्शन करो।
Naam hira dhan paiya aua hira dhan mol Chuni chuni bandho ganthri pal pal dekho khol .
Only God is a priceless diamond, other diamonds have price Tie your bundle with the name of God, then open it every now and then and see.
मैं जानु हरि दूर है, हरि है हृदय माहि आरी टाटि कपट की, तासै दीसत नाहि़़़।
मैं जानता था कि प्रभु बहुत दूर हैं परंतु प्रभु तो अंतरात्मा में हैं। छल कपट का परदा के कारण वह हमें दिखाई नहीं देते हैं।
Main janu Hari door hai ,Hari hai hirday mahi Aari tati kapat ki , tasai deesat nahi .

I thought that God was very far but God is inside the heart There is a curtain of hypocrisy ,therefore he is not visible .

परदेशा खोजन गया, घर हीरा की खान कांच मनी का पारखी, क्यों पाबैय पहिचाान।
मैं प्रभु को खोजने दूर देश तक गया परंतु हीरा का खान तो घर में हीं था। शीशे के आभुषण का पारखी उसे कैसे पहचान पायेगा?संासारिक विषयों में लिप्त प्रभु को कैसे जान सकता है।
Pardesa khojan gaya , ghar hira ki khan Kanch money ka parkhi , kyon pabey pahichan .

I have gone to search in distant land, but the diamond is in my house. The assayer of glass jewelry can never recognise the true gem

बकता ज्ञानी जगत में, पंडित कवि अंनत सत्य पदारथ पारखी, बिरला कोई संत।
बोलने बाला ज्ञाता,पंडित और कवि इस संसार में अनेकानेक हैं किंतु पदार्थ के सत्य को जानने वाला विरले हीं मिलते है। वे संत हैं जो प्रभु को जानते हैं।
Bakta gyani jagat mein , pandit kavi anant Satya padarath parkhi , birla koi sant .
Speaker,knoweldgeable,scholar and poet are many in the world But the knower of the truth of the matter is a rare saint .
हंसा बगुला ऐक सा, मान सरोवर माहि बागा ढ़िंढोरै माछरी, हंसा मोती खांहि
हॅंस और बगुला एक समान दीखते हैं और दोनों मानसरोवर में रहते हैं। परंतु बगुला मछली खोजता है और हॅंस मोती खाता है। संासारिक लोग बिषय वासना में रहते हैं और भक्त ईश्वर में निमग्न रहता है।
Hansa bagula ek sa ,maan sarowar mahi Baga dhindhorai machhri , hansa moti khanhi .
The swan and duck are alike , both live in Mansarovar lake The duck searches fish and the swan eats pearl .
उत्तर दक्षिण पुरब पक्षिम, चारो दिशा प्रमान उत्तम देश कबीर का, अपरापुर स्थान।
सभी दिशाओं में प्रमाणिक रुप से सत्य है परंतु उत्तम देश स्थान वह है जहाॅं प्रभु का निवास स्थान है।
Uttar dakshin purab pachhim , charo disha praman Uttam desh Kabir ka ,amrapur asthan .
North south east west all the directions are true The best place of Kabir is the abode of God .
एक ही बार परखिये, ना वह बारंबार बालू तोहुं किरकिरि, जो छाानय सौ बार।
किसी मनुष्य की जाॅच एक बार करना पर्याप्त है-बारंबार नहीं। बालु को सौ बार छानने पर भी उसका किरकिराहट नहीं जाता है।
Ek hi bar parakhiye , na wah barambar Balu tauhun kirkiri ,jo chhanai sau bar .
Test a man only once , never repeatedly If you filter the sand hundred times , the crackling will not go .
हीरा परखैय जौहरी, सबदहि परखय साध कबीर परखै साधु को, ताका मता अगाध।
हीरा का पारखी जौहरी और शब्दो का पारखी संत है। कबीर का मत है कि संतों की परख उनकी गंभीर वाणी और विचारों से है।
Hira parkhai jauhari ,sabdahi parkhai sadh Kabir parkhai sadhu ko ,taka mata agadh .
Diamond is tested by jeweller ,the word is tested by saints Kabir tests the saints whose views are very deep .
हीरा का कछु ना घटा, घट जु बेचनहार जनम गवायो आपनो, अंधे पसु गंवार।
हीरा को कचड़े-कुड़ा की तरह वेचने वाले का घाटा होता है हीरा का कुछ नहीं होता। मैंने अपना जीवन अंधे और गॅंवार पशु की तरह गॅंवा दिया। विवेकी मनुष्य को अपने जीवन का महत्व समझना चाहिये।
Hira ka kachhu na ghata ,ghat ju bechanhar Janam gawayo aapno ,andhe pasu ganwar.
There is no loss to diamond , the loss will occur to the seller The whole life of mine has been spent as blind and rustic animal .
हीरा तहां ना खोलिय, जहां खोटी है हाट कसि करि बांधो गांठरी, उठि करि चलो बाट।
अपने हीरा को उस जगह मत खोलो जहाॅं का बाजार में भ्रम हो। अपनी गठरी को कस कर बाॅंधों और उठकर अपने रास्ते चल दो। निम्न बुद्धि वालों के बीच अपने सत्य ज्ञान को मत खोलो।
Hira tahan na kholiye ,jahan khoti hai hat Kasi kari bandho ganthri ,uthi kari chalo bat .
Don’t open your diamond there where market is corrupt Tightly tie your bundle ,stand up and walk to your road .
हृदय हीरा उपजय, नवी कमल के बीच जो कबहु हीरा लखै, कदै ना आबैय मीच।
कमल हृदय और नाभि के बीच उत्पन्न होता है। जो हीरा को लेता है उसके निकट मौत,दुख और संताप कभी नहीं आता। हृदय में हीरा रुपी प्रभु को पहचानना आवश्यक है।
Hirday heera upjay , navi kamal ke beech Jo kabhun heera lakhai ,kadai na aabey meech .
Lotus grows in between heart and umbilical cord One who identifies that diamond ,death and unhappiness never comes to him .
हंसा तो महरान का, आया बलियो माहिं बगुला करि करि मारिया, मरम जु जाने नाहि।
मान सरोवर का हॅंस इस पृथ्वी पर आ गया और लोग बगुला समझ कर उसे मारने लगे कारण लोग उसके महत्व को नहीं समझते थे।ज्ञानी लोगों का महत्व नहीं जानने पर लोग उन्हें परेशान करते हैं।
Hansa to maharan ka ,aaya baliyon mahin Bagula kari kari mariya ,maram ju jane nahi .
The swan of mansarovar has come to this earth People start beating by taking it as duck as they do not know the reality .
सागर मे मानिक बसै, चिन्हत नाहि कोय या मानिक कु सो लखे जाको गुरुमत होय।
समुद्र में मोती रहता है परंतु उसे कोई पहचानता नहीं है। इस मोती को वह पहचान सकता है जो गुरु की भक्ति में पूर्ण समर्पित होता है।
Sagar me manik base , chinhat nahi koye Ya manik ku so lakhe ,jako gurumat hoye.
There is pearl in the sea but no one recognises it . Only he can recognise this pearl who is the devotee of Guru .